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बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे कटिहार पहुँचे

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कटिहार/नीरज झा के साथ बंटी प्रसाद :--- पूर्णिया मे होने वाले गोलोवल सममिट कार्यक्रम मे शरीक होने के लिए पटना से कैपिटल एक्सप्रेस से सुबह के सात बजे बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे कटिहार पहुँचे । कटिहार जिला अतिथिगृह मे कुछ देर रुकने के गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी गई और मीडिया से रूबरू हुए ।



उन्होंने बताया कि  सीमांचल के दौरे पर निकले हुए हैं एक काम से नहीं आते हैं दो-तीन दिन पहले भी देखा होगा हम आये थे कोसी क्षेत्र के दौरे पर कटिहार पूर्णिया अररिया सुपौल सहरसा गया था फिर मधुबनी फिर दरभंगा फिर मुजफ्फरपुर 24 घण्टे मे 5 से 7 जिले का जांच करते हुए विधि व्यवस्था की समीक्षा करते वापस वापस गया था । एक बार फिर आया हु यह हमारा बिहार का दूरस्थ इलाका है मुख्यालय से डीजीपी का मूवमेंट कम ही होता है तो मैंने कोशिश की है जितना ज्यादा से ज्यादा समय सीमांचल लोगों के साथ रहु लगातार दौरा चल रहा है और मैं फिर आऊंगा ।
पूछे गये एक सवाल पर बिहार में कितना बिकास हुवा है तो डीजीपी के रूप में उन्होंने कहा पहले यह दरभंगा जॉन था मे मुजफ्फरपुर जोन में आईजी था काफी लंबे समय तक दरभंगा जॉन के प्रभार में रहा हूं।  दरभंगा  पहुंचने मै बहुत कठिनाई होती थी अगर आपको किशनगंज आना हो कटिहार जाना हो पूर्णिया जाना हो हिम्मत नहीं पड़ती थी दिन दिन भर लगता था स्थिति इतनी खराब थी अब पटना से कटिहार 5 घंटे में पहुंच जाता हूं पूर्णिया पहुंच जाता हूं सहरसा पहुंच जाता हूं रूट और सड़कों के बनने से बिजली के होने से पुलिस पर इसका असर देख रहा हूं
शराब की पूछे गए एक सवाल पर  शराब की तस्करी नहीं रुक रही  तो उन्होंने कहा कोई भी कानून के पीछे जबतक जनता की ताकत नहीं होगी कोई भी कानून पूरी तरह सफल नहीं हो सकता चोरी से बेच रहे हैं लोग पी रहे हैं एक बात समझिए हत्या का कानून डेढ़ सौ साल पहले बना है हत्या करने पर आजीवन कारावास या फांसी की सजा दी जाएगी हत्या तो रुक तो नहीं गई जिसको रिस्क लेना है वह लेता है किसी ने तय कर लिया है हत्या करनी है चाहे मुझे फांसी पर चढ़ना पड़े आजीवन जेल में रहना है हत्या कर देता है कानून कोई भी बनेगा कानून को तोड़ने वाले लोग रहते हैं सिस्टम के भीतर भी हो सकते हैं सिस्टम के बाहर भी हो सकते हैं 2 परसेंट 4 परसेंट 5 परसेंट 10 परसेंट जो भी हो कानून को तोड़ने वाले लोग रहते हैं उन्हीं के लिए सजा का प्रावधान है नहीं तो सजा का प्रावधान करने की क्या जरूरत थी लेकिन जिस तरह से शराबबंदी कानून लागू होने के बाद चौक पर चौराहे पर गलियों में सड़कों पर गांव में देहात में हर जगह 6:00 बजे के बाद चलने का माहौल नहीं था शराब पीकर लोग आवारागर्दी करते थे अगर कोई चोरी-छिपे बेजता है या पिता है आप बताइए आप खुद इसके गवाह हैं आप सभी लोग किसी की औकात है क्या दारू पीकर सड़कों पर आवारागर्दी करें कोई चोरी छिपे पिता भी है तो पीके घर में छुप जाता है यह भी डर है पड़ोसी कहीं पुलिस को खबर ना कर दे ।
जनता जब जाग जाएगी ये चोरी से बेचने चोरी से पीने वाले काम भी खत्म हो जाएगा यह केवल पुलिस से नहीं होगा इसी तरह अपराध पर भी बोलता हूं मैं अपराध की संस्कृति को काटना है ना खत्म करना है बिना जनता के जागे कैसे होगा अकेले कैसे होगा
लोग जात के नाम पर अपराधी को संरक्षण देते हैं मजहब के नाम पर देते हैं दल के नाम पर देते हैं रिश्तेदार के नाम पर देते हैं अगर जात के नाम पर दल के नाम पर या धर्म के नाम पर रिश्तेदार के नाम पर अपराधियों को सम्मान दीजिएगा संरक्षण दीजिएगा तो अपराध की संस्कृति कैसे समाप्त होगी जनता को जागना होगा नौजवानों को जागना होगा किसान मजदूर हर घर हर मजहब को जागना होगा हर लोगों को उठकर खड़ा होना होगा अपराध की संस्कृति को खत्म करने के लिए और शराब बंदी कानून के पक्ष में तक नया सुवा बनेगा नया बिहार बनेगा इसमें आप सबों की भी बड़ी भूमिका है यदि नकारात्मक समाचार को प्रमुखता के साथ नहीं बनाये बिहार मै बहुत कुछ अच्छा हो रहा है पूरे देश में विधि व्यवस्था की समस्या हो जाती है किसी मुद्दे पर आग लग जाती है और बिहार शांत रहता है जल जीवन हरियाली तक कितना साकार का समाचार है इस पर तो अनुसंधान होना चाहिए बिहार की आवाम कैसी है बिहार के नौजवान कैसे हैं प्रतिकूल परिस्थितियों में भी शांति सद्भाव प्रेम भाईचारा एकता बनाए रखें इसके लिए बिहार की जनता और नौजवानों को धन्यवाद देता हूं । सकारात्मक सोच है उसको प्रमुखता के साथ उजागर करना चाहिए ।

©www.katiharmirror.com

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