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मनिहारी गंगा घाट पर आज प्रशासनिक उपेक्षा के कारण स्थिति अत्यंत ही दयनीय

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कटिहार/नीरज झा --: मनिहारी गंगा घाट का सीमांचल और इसके आस पास के जिलों से अपना अलग महत्व है। सावन माह में यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है।





मनिहारी गंगा घाट से पवित्र गंगा जल भरकर श्रद्धालु संकट हरण मंदिर, गोरखनाथ मंदिर,भारीडीह मंदिर के साथ साथ विभिन्य शिवालयों में बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं। परंतु मनिहारी गंगा घाट पर आज प्रशासनिक उपेक्षा के कारण स्थिति अत्यंत ही दयनीय हो गयी है।  जानकी नगर की रहने वाली रेणु देबी ने खुल कर कहा किसी तरह की कोई सुविधा नही है शौचालय नहीं है रात्रि मे रहने के लिए भी सुविधा चाहिए वह भी नहीं है। बनमनखी से आये रेनू देवी ने कहाँ यहाँ कपड़ा बदलने की परेशानी है बाथरूम की परेशानी है किसी भी तरह का कोई सुविधा नहीं मिला है शाम होने पर पानी में रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है । स्थानीय लोगों की माने तो इसको लेकर जनप्रतिनिधि के साथ साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी कम जिम्मेवार नहीं हैं उन्होंने वादे तो खूब किए परंतु गंगा तट पर कुव्यवस्था के बीच जान जोखिम में डालकर श्रद्धालु मनिहारी गंगा घाट पर आते है।





बनमनखी से आए मिथिलेश शाह ने हाथ जोड़कर गुहार लगाया कि माँ बहन खुले में कपड़ा चेंज कर हर कोई देख रहा है अपनी माँ बहन को खुले मे कपड़ा चेंज करते देख रहा हु इससे बुरा क्या हो सकता और हाथ जोड़ कर कुछ कीजिए प्लीज पर इस गुहार को सुनने वाला कोई नही है वह भी ऐसे अधिकारी से कर रहा है जो एक खुद एक महिला है एक बेटी भी है एक माँ भी है । सावन माह में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। सोमवारी पर तो श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है परंतु, घाट पर बने महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम पानी मे बना दिया गया जिससे इसका कोई काम नही हो रहा ।

गोताखोर परशुराम पासवान



मनिहारी अंचलाधिकारी संजीव कुमार कहते हैं घाट पर  कंट्रोल रूम की व्यवस्था है दो रबड़ वोट दो दो नाविक के साथ नाव तैनात है दोनों तरफ दो गोताखोर हैं महाजाल की व्यवस्था की गई है वही गोताखोर परशुराम पासवान ने खुल कर अपनी परेशानी बताई और कहा दिन भर काम करने की मजदूरी दी जाती है और रात में काम करने के पैसे नही दी जाती और साथ ही प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा प्रशासन धमकी देती है डर से बिना पैसे के रात मे काम करना पड़ता है ।


अंचलाधिकारी संजीव कुमार

मनिहारी अंचलाधिकारी  संजीव कुमार से जानना चाहा कि घाट पर शौचालय नहीं है और  चेंजिंग रूम पानी में रहने  की बात पूछने पर उन्होंने  अलग ही तर्क दे कर कहा यहाँ आये हुये महिलाएं कपड़ा चेंज नहीं करती हैं भीगे कपड़े में ही निकल जाती हैं यहाँ से अब सवाल उठता है इस तरह के भ्रामक जानकारी अंचलाधिकारी किसने और क्यों दी ।

राजकुमार झा


मनिहारी गंगा घाट पर  मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई थी जो नदारद रहे काफी खोज विन के वाद  घाट पर प्रतिनियुक्त नाव पेट्रोलिंग ड्यूटी पर प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट राजकुमार झा ने बताया कि लेट से जानकारी 15 बज कर 23 मिनट पर व्हाट्सएप पर खबर मिली और भागे भागे यहां आए है उन्होंने भी माना कि पानी में रौशनी की समुचित व्यवस्था नहीं है ।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुविधा का ख्याल नही रखा जा रहा है सरकारी खर्च करने के वाद भी सुविधा नदारद मिल रही है ऐसे में भगवान भरोसे श्रद्धालु मनिहारी घाट पहुंच रहे हैं और प्रशासन मुस्तैदी के भरोसे दिला रही है ।©www.katiharmirror.com

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