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बंगाल से बिहार बेरोक टोक तस्करी कर आती है -ईट मंत्री के गृह जिला का हाल -बेफिक्र खनन विभाग के आला अधिकारी ।

नीरज झा |बिहार में खनन अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए बंगाल के ईंट कारोबारियों द्वारा ट्रक ट्रैक्टर के माध्यम से बड़ी संख्या मे इट की तस्करी किया जा रहा है ।



सिर्फ रोड चलान के सहारे ईंट की तस्करी पुलिस और विभाग के मिली भगत से राजस्वय की लूट की जा रही है । कटिहार मैं बंगाल से इन दिनों शराब तस्करी की तरह इट का काला कारोवार फल फूल रहा जब कि मद्यनिषेध चेक पोष्ट भी सीमावर्ती राज्य पर बिहार सरकार ने खोल रखी है बावजूद इसके बेख़ौफ़ करोवारि रात के साथ साथ दिन के उजाले में ईंट की तस्करी खुले आम कर तस्कर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग पर सवाल खड़ा कर दिया है  ।
 बिहार सरकार में खनन एवं भू-तत्व मंत्री विनोद कुमार सिंह के चुनावी क्षेत्र में इस तरह का करोवार हो रहा है अब देखना है खनन मंत्री विनोद कुमार सिंह कितनी गंभीड़ता से लेते हैं इस मामले को और क्या कार्रवाई करते है या स्थानीय प्रशासन को कितनी खुली छूट देते हैं यह आने वाला वक्त बतायेगा बताते चले कि  जहां से बिहार की सीमा बंगाल से जुड़ती जो खनन मंत्री का चुनावी क्षेत्र हीं नहीं उनका गढ़ भी हैं.यहाँ कई ईंट भट्ठे संचालित हैं.बावजूद इसके इन क्षेत्रों में बंगाल के भट्ठा संचालकों द्वारा बिहार में बैठे शक्रिय इंट्री माफियाओं के सहयोग से ट्रक व ट्रैक्टर से ईंट की तस्करी खुले आम कच्चे कागजात व रोड चलान के सहारे करते हैं जानकार सूत्रों की मानें तो ईंट की तस्करी एक तय सिस्टम के तहत आजमनगर थाना व सालमारी ओपी क्षेत्र के रास्ते चलाया हीं नहीं जा रहा बल्कि जिले के विभिन्न हिस्सों तक में पहुँचाया जा रहा अब यहाँ एक सवाल जानकार उठा रहे कि क्या बिहार की अपेक्षा बंगाल में ईंट सस्ते दर पर उपलब्ध हो रही है.ऐसे में बिहार प्रक्षेत्र में संचालित ईंट भट्ठे संचालकों के लिए टैक्स,रॉयल्टी भरना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है

कहते हैं भट्ठा संचालक:-

खनन मंत्री के चुनावी प्रक्षेत्र में संचालित ईंट भट्ठा के कई संचालकों से इस मुद्दे पर बात की गई उन्होंने बताया कि अगर क्षेत्र में बंगाल से ईंट की जा रही आपूर्ति(तस्करी)पर समय रहते रोक नहीं लगाया गया तो निश्चय हीं इससे जिले के खनन विभाग को राजश्व का चूना लग रहा साथ हीं हम सबों के लिए विभिन्न टैक्सों का भरना समय पर संभव नहीं हो पायेगा इस दिशा में खनन मंत्री विनोद कुमार सिंह मामले को कितनी गंभीड़ता से लेते हीं नहीं हैं.बल्कि कड़ी कार्रवाई के लिए सीमावर्ती प्रशासन को कितनी खुली छूट देते हैं.इस दिशा में बड़ी कार्रवाई होने पर हीं इसकी अनुभूति होगी


 रोड चलान पर नहीं लिखा होता ईंट का दाम:-

बंगाल से बिहार में ईंट जिस रोड चलान के माध्यम से बिहार में तस्करी की जा रही उसमें ईंट की संख्या तो साफ साफ लिख दिया जाता है.लेकिन उसकी कीमत नहीं लिखी होती आखिर क्यों जब कि जानकारों की मानें तो कीमत लिखने पर खरीददार को जीएसटी पेड वाली बिल देनी होगी अगर बंगाल के भट्ठा संचालक जीएसटी पेड वाली बिल बिहार के खरीदार व ईंट तस्करी में उपयोग हुए वाहनों को काट कर देने की स्थिति में बंगाल के भट्ठा संचालकों की परेशानी बढ़ जाएगी.इस लिए कच्चे कागजात के सहारे आपूर्ति की जाती है हलांकि विश्वस्त सूत्रों की मानें तो बंगाल से बिहार में ईंट की आपूर्ति अगर नियम के तहत बंगाल के भट्ठा संचालक एक तो कर नहीं सकते हैं.अगर कोई व्यक्ति खरीददारी कर लाता है तो ऐसी स्थिति में बंगाल के भट्ठा संचालकों को ईंट खरीददारी करने वालों को आईजीएसटी पेड वाली बिल देनी होगी जो करने से बचने की वजह टैक्स की बढ़ोतरी होने से जोड़ कर जानकार देखते हैं.


 कहते हैं खनन अधिकारी:-

जिला खनन अधिकारी उमा शंकर से जब टेलीफोन पर इस बाबत पूछा गया तो बताना हुआ कि पक्के कागजात पर आयात निर्यात एक राज्य से दूसरे राज्य में कर सकते हैं विस्तृत पूछे जाने पर तल्खी में आ गए साहब शायद भूल गए कि मीडिया का सवाल पूछना अधिकार  है ।

क्या कहते हैं खनन मंत्री:-

इस पर अंकुश लगाना खनन विभाग की जिम्मेवारी है और इस पर जाँच की जा रही है

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