शेयर करे

गंगा स्नान के साथ शुरू हुआ भगवान भास्कर का पर्व

कोई टिप्पणी नहीं

दिपावली के वाद चार दिन तक चलने वाले सूर्य उपासना का महापर्व गंगा स्नान कर छठ की तैयारी मैं लोग सब धीरे धीरे सब कुछ छोड़ कर अब लग गए हैं । छठब्रती और परिवार के सभी जनों  ने जहाँ गंगा स्नान कर सात्विक आहार ग्रहण कर भगवान भास्कर को खुश करेगे वही नहाय खाय के साथ शुरू हो जायेगा  माह पर्व इसके बाद खरना होगा जिसे पूजा का दूसरा सबसे कठिन चरण माना जाता है इस दिन व्रती निर्जला उपवास रखेंगे और शाम को पूजा के बाद प्रसाद के रूप मे खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण करेंगे। अथर्ववेद के अनुसार षष्ठी देवी भगवान भास्कर की मानस बहन हैं। प्रकृति के छठे अंश से षष्ठी माता उत्पन्न हुई हैं उन्हें बच्चों की रक्षा करने वाले भगवान विष्णु द्वारा रची माया भी माना जाता है।
इसीलिए बच्चे के जन्म के छठे दिन छठी पूजी जाती है, ताकि बच्चे के ग्रह-गोचर शांत हो जाएं। एक अन्य मान्यता के अनुसार कार्तिकेय की शक्ति हैं षष्ठी देवी। 

जाने कब है  नहाय-खाए, खरना, सायंकालीन अर्घ्य, प्रात:कालीन अर्घ्य:

नहाय-खाए : रविवार 11 नवंबर 2018
खरना (लोहंडा): सोमवार 12 नवंबर 2018
सायंकालीन अर्घ्य: मंगलवार 13 नवंबर 2018
प्रात:कालीन अर्घ्य: बुधवार 14 नवंबर 2018

कोई टिप्पणी नहीं

शेयर करे

Popular Posts

Featured Post

सदर अस्पताल से इलाज कराने आया कैदी फरार

कटिहार/नीरज झा;--- कटिहार मंडल कारा से बीमार कैदी चंदन कुमार राम का इलाज कराने 2 जून को ही कटिहार सदर अस्पताल लाया गया था ।

Blog Archive