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Katihar News मुखिया की गिरफ्तारी को लेकर बिहार झारखंड में कसरत कर रही पुलिस,किसान फ़रोखा हत्या कांड:-दो नामजद घटना के पांच दिन,पुलिस के हाथ खाली


कटिहार/आजमनगर:आजमनगर थाना क्षेत्र के भरत चौक पर बीते बुधवार की सुबह पूर्व मुखिया कमल चंद्र प्रामाणिक के भवन में थाना क्षेत्र के हीं  मलिकपुर पंचायत निवासी फ़रोखा शर्मा की गोली मार हत्या कर दी गयी थी|
मामले में पुलिस की शक्रियता मुक्त कार्यशैली को देख घटना के दिन हजारों की तादात में घटना स्थल पर जुटे लोगों ने जमकर पुलिस समर्थित मुक्त नारे लगाते हुए हत्यारों के गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोश व्यक्त किया था|

वहीं बुधवार की देर शाम तक घटना स्थल पर पहुँच एसपी विकास कुमार ने भी घटना स्थल का मुआयना किया और कई आवश्यक दिशा निर्देश एसडीपीओ पंकज कुमार व इंस्पैक्टर अजय कुमार को आवश्यक दिशा निर्देश दे गए हैं.एसपी के दिये निर्देशों के आलोक में आगे की कार्रवाई की जा रही है.यहाँ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व मुखिया कमल चंद्र प्रामाणिक के गिरफ्तारी को लेकर बिहार पुलिस की कई टीम घटना के दिन से हीं बंगाल और झारखंड की वादियों में उनके सुरक्षित ठौर ठिकाने की तलाश में जुटी है|लेकिन घटना के तीन दिन गुजरने के बाद भी हत्या के संभावित व गंभीड़ आरोपों से घिरे फरारियों की गिरफ्तारी कर पाने में पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लगने से क्षेत्र के लोगों के मन में बढ़ते अपराध के बीच वर्दी के घटते रौब की चिंता सता रही है  कि आख़िर बेहतर पुलिसिंग सुशासन की सरकार में कहा गुम होती जा रही है.जो आने वाले समय के लिए सुखद संकेत नहीं है.शांति प्रिय सभ्य समाज में अपराध को देखते व अंजाम देने वाले को पहचानने के बावजूद फ़रोखा हत्या कांड पर सैकड़ों तमाशबीन बने खामोश लोग घटना पर अनभिज्ञता जाहिर करने वाले उससे कहीं ज्यादा गुनहगार समाज की नजर में बन रहे हैं.समाज में घटना को अंजाम देने वाले से ज्यादा गुनहगार घटना क्रम को देखते हुए सहिष्णु बने रहने वाले कहीं ज्यादा दोषी हैं.ऐसा प्रबुद्ध लोग घटना के बाद विभिन्न चौक चौराहों पर एक दूसरे से घटना पर चर्चा करते नजर आए|



किसान फ़रोखा हत्या कांड:-दो नामजद घटना के पांच दिन,पुलिस के हाथ खाली


कटिहार/आजमनगर

आजमनगर थाना क्षेत्र के पॉश इलाके में स्थित भरत चौक पर पूर्व मुखिया कमल चंद्र प्रामाणिक के भवन में बीते20जून को किसान फ़रोखा शर्मा कपरंडा मलिकपुर पंचायत निवासी की गोली मार हत्या कर दी गयी थी.जिसकी सूचना सर्किल के चौकीदार ने नहीं किसी अन्य से आजमनगर थाना प्रभारी को घटना के दिन लगभग12बजे घटना की जानकारी मिलते हीं घटना स्थल पर पहुँच जांच में जुट गए थे.जहाँ घटना के दिन घटना स्थल पर पुलिस के लाख पूछने पर भी मृतक के पुत्र व किसी अन्य ने मुँह नहीं खोली थी.कि फ़रोखा को गोली किसने मारी?मृतक पूर्व मुखिया के घर पहुँचा कैसे?ऐसे कई सवालों के जवाब पुलिस को तब मिलेंगे जब पूर्व मुखिया की गिरफ्तारी संभव होगी?इस प्रकरण में दो अलग अलग मामले दर्ज किए गए हैं.एक के अनुसंधानक थाना प्रभारी शंकर शरण दास व दूसरे के एसआई फुरकान अहमद हैं.दोनों मामले के अनुसंधान में कड़ी मेहनत कर रहे हैं.बावजूद इसके घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं|
 मामले को लेकर थाना कांड संख्या157/18धारा 302,120बी27आईपीसी27आर्म्स एक्ट 9टेकेनअप के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.जिसके अनुसंधानक थाना प्रभारी शंकर शरण दास हैं.







कमल भवन से पुलिस को मिले पिस्टल मैग्जीन व कारतूस:-भवन सील


फ़रोखा हत्या कांड के बाद कमल भवन की तलाशी क्रम में पुलिस को आपत्तिजनक समान मिले उक्त प्रकरण को लेकर भी आजमनगर थाना प्रभारी शंकर शरण दास ने भी मामला दर्ज किया है|दर्ज मामले में थाना प्रभारी दास ने लिखा है.कि 20जून को भरत चौक पर एक व्यक्ति को गोली मार दिये जाने की सूचना पर पहुँचे तो देखा कि फ़रोखा शर्मा मृत पड़ा है |जहाँ लोगों की काफी भीड़  थी|कमल भवन की तलाशी क्रम में एक लोडेड पिस्टल की मैग्जीन व जिंदा कारतूस7.65एमएम मिली उक्त मामले को लेकर थाना कांड संख्या 158/18 धारा यूएस25,1बी(ए)26,35आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.जिसके बतौर अनुसंधानक एसआई फुरकान अहमद बनाये गए हैं.






घोरदह हत्या कांड पर सभी दल के नेता बोले भरत चौक की घटना पर खामोश क्यों:-

आजमनगर थाना क्षेत्र के घोरदह में एक ही परिवार के चार सदस्यों को जिंदा जलाकर मार दिए जाने की घटना प्रकरण में जिले के तकरीबन सभी दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की लेकिन 20जून को भरत चौक पर पूर्व मुखिया के भवन में किसान की गोली मार हत्या के प्रकरण में घटना के पांच दिन गुजरने को है.लेकिन अब तक किसी भी दलों के नेताओं ने न तो संवेदना व्यक्त की है.और न हीं घटना पर किसी तरह की प्रतिक्रिया हीं दे रहे ऐसे में जनप्रतिनिधियों के बदलते नजरिये व दोहरी नीति को लेकर क्षेत्र की जनता के मन में उनके प्रति असंतोष घर करने लग गया है.किसान फ़रोखा को अगर मालूम होता कि रुपये मांगने पर उसे मौत मिलेगी तो सायद वो रुपये लेने नहीं जाता हलांकि फ़रोखा की मौत के बाद हुए दर्ज मामलों पर जनमानस से लेकर पॉलिटिकल कॉरिडोर में चर्चाओं का बाजार गर्म है.



पुलिस ने की पूछ ताछ:-

फ़रोखा हत्या कांड नामजदों के फरार होने के बाद फरारियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को लेकर पुलिस उनके परिजनों से भी श्रृंखला तफ्तीश कर रही है.काफी पूछ ताछ के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगे हैं.जो बेहतर पुलिसिंग पर सवाल खड़े करती है.हलांकि पुलिस यह भी दावा कर रही कि फरार नामजदों की गिरेबान तक पुलिस के हाथ जल्द हीं पहुँच जाएंगे दोषी किसी कीमत पर नहीं बख्शे जाएंगे पुलिस की तीन टीम अलग अलग जगहों पर गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.लेकिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगने की स्थिति में पुलिस न्यायालय में फरार नामजदों के कुर्क वारंट को लेकर जल्द अपील करने की प्रकिया पूरी कर ली है.ऐसे में नामजद की गिरफ्तारी नहीं होने व न्यायलय में सरेंडर नहीं करने की स्थिति में उनके खिलाफ कुर्क वारंट निकाल सकते हैं.


कहते हैं डीएसपी:-

बारसोई डीएसपी पंकज कुमार ने कहा कि  किसान फ़रोखा हत्या कांड में मृतक पुत्र के फर्द बयान पर मामला दर्ज कर फरार नामजदों के गिरफ्तारी को लेकर सघन छापेमारी जारी है.तीन टीम अलग अलग जगहों पर सर्च कर रही है.जल्द हीं पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगने की उम्मीद लगा बैठे हैं.इसी प्रकरण में एक और भी मामले दर्ज हुई हैं.


तुषार शांडिल्य

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