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Katihar भौतिक सत्यापन में कई सामान महाविद्यालय से मिले गायब विवि के तेवर तल्ख

आरडीएस कॉलेज सालमारी  RDS College,Salmari Katihar
 प्रतिनिधि,आजमनगर/कटिहार भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की एकमात्र अंगीभूत इकाई रामदेव शारदा महाविद्यालय सालमारी में वित्तीय वर्ष 12-13-14 में खरीदी गई सामग्रियों में
कई उपस्कर किये गए भौतिक सत्यापन में गायब मिले हैं|जिसकी कीमत13 लाख 91हजार,395रुपए आंकी गई है.|ये मामले सेवानिवृत हुए पूर्व प्राचार्य डॉ जे.पी.यादव के कार्यकाल की है|

गबन के कथित आरोप से घिरे सेवानिवृत हुए पूर्व प्राचार्य ने अपने कार्यकाल में35लाख9,990रुपये के उपस्करों की खरीददारी की जब भूपेंद्र नारायण विश्विद्यालय द्वारा आरडीएस कॉलेज सालमारी का भौतिक सत्यापन कराया गया तो सत्यापन के क्रम में महाविद्यालय में सिर्फ 21लाख18हजार595 रुपये की सामग्री प्राप्त हुई |वहीं13लाख 91हजार395रुपये की सामग्री व उपस्कर भौतिक सत्यापन में नहीं पाए गए |भौतिक सत्यापन करने वाले कर्मियों ने बताया कि यह गबन की तरफ इशारा कर रहा है.अब देखने वाली बात होगी कि विश्व विद्यालय आरोप से घिरे प्राचार्य पर कितना कानूनी कार्रवाई करते हैं|

भौतिक सत्यापन में अप्राप्त अनुपलब्ध सामग्रियों व उपस्करों की संख्या कुल34हैं.जिसकी कीमत13,91,395रुपये आंकी गयी है.सवाल सामग्री गयी कहाँ विश्विद्यालय ने मामले को गंभीड़ता से लिया है.गबन के कथित आरोपों से घिरे प्राचार्य यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान विश्व विद्यालय से बिना प्रसाशनिक स्वीकृति लिए बगैर प्रति माह 2000रुपये प्रधानाचार्य भत्ता महाविद्यालय फंड से लिये जो सिर्फ कमीशन से आये प्राचार्य को लेने का अधिकार होता है.इतना हीं नहीं उन्होंने अपने बकाये वेतन का भुगतान महा विद्यालय कोष से बिना स्वीकृति प्राप्त किये लाभ लिया जब कि राशि सरकार से विश्व विद्यालय को आती है.फिर विश्व विद्यालय से महाविद्यालय को प्राप्त होता है.यहाँ वि.वि.का शख्त निर्देश होता है.कि जांचों उपरांत हीं भुकतान करना है.इन सारे निर्देशों को दरकिनार करते हुए महा विद्यालय कोष से हीं अपना बकाया राशि का भुकतान किया सेवानिवृति से पूर्व नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार सेवानिवृत प्रधानाचार्य को नहीं होता है.वि.वि से अनुमति के बाद हीं कोई नीतिगत निर्णय लिया जा सकता है.प्रभारी प्राचार्य रहते हुए उन्होंने ने इसका अनुपालन नहीं किया उन्होंने सेवानिवृति से पूर्व लगभग 20लाख रुपये महाविद्यालय कोष से विकास कार्य के नाम पर निकासी हीं नहीं किया तत्कालीन वर्सर एम कुमारी के स्थानांतरण पर वि.वि.में योगदान के बाद लाखों रुपये पूर्व की तिथि पर निकासी कराया जिसे बैंक से सत्यापित होने से पूर्व इसका दावा अखबार नहीं कर रही है.इन तमाम मामलों का उद्भेदन निगरानी को भेजे पत्र व अंकेक्षण दलों द्वारा किये गए भौतिक सत्यापन रिपोर्ट से हुई है.मालूम हो जो ऑडिट रिपोर्ट तैयार हुई वो 31मार्च2016से पूर्व की है.वहीं प्राचार्य डॉ केवल झा अगस्त2016में प्रभारी प्राचार्य के पद पर प्रभार ग्रहण करते हैं.वर्णित प्रकरण को लेकर वर्तमान प्राचार्य डॉ केवल झा से पूछे जाने पर उनका बताना हुआ कि मामले पर विश्व विद्यालय के वीसी हीं कुछ कह सकते हैं.वैसे मामले की जांच चल रही है!उक्त मामला9-9-2011से 31-3-16तक प्रभारी प्राचार्य रहे प्राचार्य डॉ जे.पी.यादव के समय का मामला है.वहीं इस बाबत आरोपों से घिरे सेवानिवृत पूर्व प्राचार्य से संपर्क नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं रखा जा रहा है|


तुषार शांडिल्य

 ©www.katiharmirror.com
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