Katihar कटिहार में कैसे एक मृत इन्सान कागज़ में हो गया जिंदा ?

कटिहार में मुर्दों को भी कर दिया जाता है जिंदा | इसका जीता जागता उदहारण कटिहार अंचल के दलन पंचायत से सामने आया है जहां 2014 में मृत व्यक्ति के 2017 में जिंदा होने का प्रमाण सामने आ रहे हैं |
कहते है मुर्दे कभी बोला नहीं करते लेकिन कटिहार जिले के सदर अंचल में मुर्दे सिर्फ बोलते नहीं बल्कि अपने जमीं जायदाद के कागजी करवाई भी खुद किया करते है|
यकीन नहीं होता , हमे भी नहीं हुआ था -पर इसका जीता जगता उदहारण है मुमताज़ अली जो सरकारी फाइलों में तो १० अगस्त २०१४ से मृत है.!  सरकारी दस्तावेजों और सरपंच के मुताबिक ये तय है की मुमताज़ अली १० अगस्त २०१४ को दुनिया से रुक्सत हो गए थे! शायद मुमताज़ अली को जीते जी ये पता न होगा की वो फिर से २०१७ में फिर से जिंदा हो उठेंगे ।
अब किसने  मुमताज अली को सरकारी फ़ाइलों में ना सिर्फ जिंदा किया बल्कि उसे जिंदा कर करोड़ो की जमीन उसके नाम कर दिया ? मुमताज अली के जिन्दा होने के कई सबूत के साथ मुमताज अली नए अवतार और मौजूदगी के अहसास ने कइयों को हैरत में डाल दिया । जिसकी जमीन मुमताज अली के नाम पर 2017 में मोटेशन कर दी गई वो हैरत में है और बाबुओं के दफ्तर के चक्कर काटने पर मजबूर हो चुका है ।


Kumar Neeraj

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