Katihar शराबबंदी में शराब और झोलाछाप डॉक्टर से इलाज


बिहार के सुशासन बाबु नितीश कुमार बिहार में शराब पर प्रतिबंध लगाये हुये है फिर भी सूबे मै ना तो शराब बिक्री रुक रही है और ना ही शराब पीने वालों में कोई कमी आई है हद तो तब होती है
जब जहरीली शराब पिने से शराब पीने वाले की तबीयत खराब होती है और किसी डाक्टर के पास नहीं जाके झोलाछाप डॉक्टर के द्वारा गुप्त तरीके से भर्ती कर इलाज किया जाता है | -

ऐसा ही वाकया कटिहार जिले के कोढा थाना क्षेत्र के कोलासी का है जहां एक जनप्रतिनिधि के करीबी का जहरीली शराब पीने से तबीयत खराब होने पर दिघरी के झोलाछाप डॉक्टर बी के मंडल के द्वारा भर्ती कर इलाज किया गया जिसकी सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई ऐसे डॉक्टर शराबियों के लिए मददगार साबित होते हैं | यह काफी लंबे समय से अपने ही घर पर क्लीनिक चला रहे हैं तकरीवन 2005 से ही इस तरह का अवेध काला कारोवार करते आरहा है |

 राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार कर रही है और शराब के आदि हो चुके लोगो के लिए के निशुल्क प्रमर्स केंद्र और कई कार्यक्रम और योजना चला रही हैं लेकिन कार्यवाहीना के सर से जिला प्रशासन को जानकारी ना हो गांव में झोलाछाप डॉक्टर के पास इलाज कराते है इससे झोलाछाप डॉक्टर चांदी काट रहे हैं | इस मामले मे जिले के जिला पदाधिकारी मिथलेश मिश्रा ने बताया की जिस छेत्र की घटना है वहा छापा मारी पहले से की जा रही है और कटिहार के सिविल सर्जन से पता कार किस तरह का डाक्टर है उचित कारवाही की जाएगी के -ये छोलाछाप डाक्टर किसी नामी गिरामी बड़े डॉक्टर के यहां तीन-चार महीने रह सुई और कुछ मेसिन जानकारी ले लेते है और शुरू करते है मरीज का इलाज कर रहे हैं और मोटी रकम की कमाई कर रहे हैं।

ये अघोषित डॉक्टर गरीब आदिवासियों और अल्पसंख्यक समुदाय के जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। बावजूद इन पर कोई शिकंजा नहीं कसा जाता। अब देखने की बात यह है ऐसे झोलाछाप डॉक्टर जिसे कानून की कोई डर नहीं है कब तक लगता है लगाम|
Neeraj Jha
©www.katiharmirror.com
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