Katihar प्रशासनिक चूक से बिगड़ा था कटिहार का माहौल:चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स

प्रशासनिक चूक और लापरवाही से से बिगड़ा कटिहार का माहौल --- विमल सिंह बेगानी अध्यक्ष चेंबर ऑफ कॉमर्स



पिछले दिनों कटिहार शहर में अशांति  अराजकता और भय  की जो स्थिति बनी थी और जिले का शांति भंग हुई थी  इसमें सबसे ज्यादा का नुकसान किसी का हुआ है तो  वह है व्यवसाई वर्ग का| अराजकता की स्थिति में व्यवसाय वर्ग डर और भय से अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान खोल नहीं पा रहे थे जिन युवा व्यवसाइयों ने धैर्य और साहस का परिचय देते हुए अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान को खोला भी तो उनके प्रतिष्ठानों पर ग्राहक रूपी प्रसाद नदारत रहे, जिनके चलते व्यवसाई वर्ग का लगातार व्यवसाय चौपट हो रहा था |


इसके लिए चेंबर ऑफ कॉमर्स ने एक आपात बैठक अपने कार्यालय में रखी । चेंबर ऑफ कॉमर्स के मेंबर ने अपनी अपनी बातें रखी वही चेंबर ऑफ कॉमर्स के बिहार अध्यक्ष विमल सिंह बेगानी ने बताया  जिला प्रशासन की सरासर लापरवाही  है प्रशासनिक चूक है |उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन सजग रहती , प्रशासन एक्टिव रहती प्रशासन एक्शन लिया होता तो कटिहार में घटना नहीं घटती ।
 उन्होंने और कहा जिन लोगों ने घटना की शुरुआत की पहली घटना मंदिर के बगल से दूसरी मोहर्रम के पहले जिला अधिकारी के गाड़ी पर प्रहार अगर सर्फ दोनो घटना पर प्रशासन जागृत हो जाती ओर एक्शन ले लेती  दोषी पर ,तो इस तरह की घटना आज नही होती |प्रशासन दवाव मे काम कर रही है| जिला अधिकारी के गाड़ी पर हुये हमले को क्यों छिपा रही है
और उन्होंने आगे  कहा कि अन्य के नाम पर जिला प्रशासन भयादोहन नहीं हो निर्दोष लोग नही फंसे नही उसके लिए भी हम लोग लड़ेंगे अन्य के नाम पर भयादोहन होगा आंदोलन करेंगे प्रशासन का विरोध करेंगे |


Anil Kumar Chamaria 
वहीं अनिल चमरिया ने बड़े ही मायूस होकर कहा सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने  वाली घटना से सबसे बड़ा खामियाजा व्यवसाई वर्ग को झेलना पड़ता है| दुर्गा पूजा के नवमी के दिन बाजार बंद से लेकर मोहर्रम  के बाद के घटना से 9 दिन तक बाजार बंद रहा जिसमें कटिहार के व्यवसाइयों का हजार करोड़ नुकसान हुआ है |
अगर चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था रहती यह नुकसान नहीं होता अब हम व्यवसाइयों बुद्धिजीवियों और कटिहार के नागरिकों का फर्ज है कटिहार को बढ़ाना है तो दोनों समुदाय को साथ लेकर चलना होगा यह विश्वास कैसे एक दूसरों दूसरे के बीच बने इसके लिए हम लोग आज विचार-विमर्श किए हैं और आगे भी करते रहेंगे|

कुमार नीरज

©www.katiharmirror.com
एक टिप्पणी भेजें

Featured Post

सरकारी डोंगल की कहानी- पास्पोर्ट की ज़ुबानी

कटिहार:|कुमार नीरज: अगर आप विदेश दौरा करने को सोच रहे है तो होशियार हो जाइये  | सरकार लाख दावा करले डिजिटल इंडिया साइनिंग इंडिया की लेक...