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Katihar सावन में तीज पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन

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भोले नाथ का महिना सावन और सुहागन महिला सोलह सिंगार कर सावन में  माता पार्वती को मनाने सनातन धर्म का रिवाज पुराना है  | ऐसा माना जाता है कि “तीज” नाम उस छोटे लाल कीड़े को दर्शाता है जो मानसून के मौसम में जमीन से बाहर आता है जो  चारो तरफ मोसम खुशनुमा और हर तरफ हरयाली ही हरयाली होती है इस लिए मन ख़ुशी से वसीभूत हो जाता है |


हिन्दू कथाओं के अनुसार इसी दिन देवी पार्वती भगवान शिव के घर गयी थीं। यह पुरुष और स्त्री के रूप में उनके बंधन को दर्शाता है। तीज के दौरान, महिलाएं अच्छे गहने और वस्त्र धारण करती हैं। वे अक्सर अपने हाथों पर मेहंदी भी लगाती हैं।  वे पेड़ों से बंधे झूलों पर झूलती हैं। वे उपवास और स्वादिष्ट भोजन का आयोजन कर आनंद उठाती हैं हरयाली तीज के अबसर पर तेरा पंथ महिला मंडल और जाग्रति सखा और मारवाड़ी युवा मंच ने एक कल्चर प्रोग्राम किया जिसमे समाज मै फेली कुरेतिया जेसे बेटी बचाओ बेटी पढाओ जल ही जीवन है प्लास्टिक के अस्त्माल को पूर्ण बंद बंद किया जाय |ये छोटे छोटे बच्चे ने बड़ी ही मासूमियत से  समझाने का प्रयास किया




 महिलाओ के बिच मेहदी प्रतियोगिता हेयर स्टाइल और कई अन्य प्रतियोगिता का अभी आयोजन किया गया जिसमे बिना भय और झिझक  के महिला यहाँ के वाद समाज मे खुल कर सामने आ सके  | जीती हुयी प्रति भागी को जज के रूप मै न्युक्त स्वर्ण चमरिया उषा अग्रवाल संपदा महेश्वरी  बिमल सिंह बेगानी और संजीब महेश्वरी ने पारितोषिक देके सम्मानित लिया  तीज ना केवल विवाह और पारिवारिक बंधनों पर आधारित होता है, बल्कि यह मानसून पर भी आधारित होता है। मानसून का मौसम लोगों को तेज गर्मियों के मौसम से राहत देता है।

-Kumar Neeraj


www.katiharmirror.com

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