Bihar : क्यों लचर है बिहार की शिक्षा व्यवस्था

बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगने लगा है|२०१७ के आंकड़ो की वजह से लग रहा है की शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है|पर सच्चाई कुछ और ही लग रही है| ये लक्षण हैं शिक्षा व्यवस्था में आगे होने वाले सुधार  के|पिछले साल जो भ्रष्टाचार के मामले आये थे वो आज तक सोशल मीडिया में चुटकुले बन कर घूम रहे हैं|रूबी राय बिहार टॉपर २०१६ के जोक्स तो इन्टनेट पर वायरल है|

शायद यही वजह है की इस साल ऐसा लगता है की इस साल भ्रस्टाचार कम हुए है|इसी वजह से परिणाम इतने प्रतिकूल दिख रहे हैं|पर शायद यही परिणाम आइना है बिहार की शिक्षा व्यवस्था का| आज तक जो झूठ में लिपटे परिणाम हमारे मन को बहलाए रखते थे, सच्चाई देख कर वो मन विकल हो गया है|

बिहार बोर्ड की परीक्षा के बारे में कौन नही जनता| सारे न्यूज़ चैनल बिहार में परीक्षा में नक़ल करने के नायब तरीको को सालो से दिखाती रही है| हम बिहारी भी बड़े चाव से ये समाचार देखकर मंद मंद मुस्काते हैं|हमें कुछ अजीब नहीं लगता | क्यूंकि हम तो बरसो से देखते आ रहे है की जब बच्चो की परीक्षा होती है है तो माँ बाप,रिश्तेदार सब लग जाते है तैयारी में|

बच्चो को कैसे नक़ल कराइ जाये इसकी बाकायदा रणनीति बनायीं जाती है| नक़ल नहीं करने देने पर हम आन्दोलन करते है| क्यूंकि नक़ल करना तो हमारा हक़ है|

और हक़ हो भी क्यों नहीं| स्कूल और कॉलेज में पढाई होती नहीं है|ऐसे में विद्यार्थी क्या करेगा|नक़ल करना उसकी मजबूरी है|परीक्षा के दिन सर पर होते हैं और सिलेबस तक मुहैया नही होता विद्यार्थियों को|

शिक्षक बेचारा क्या करे | बहुत से नए लोगो को शिक्षक बनने का लाइसेंस बिना किसी योग्यता के मिल गया है| पुराने शिक्षक अब हार मान चुके है |व्यवस्था कुछ ऐसी है की पढना पढाना क्या होता है अब भूल चुके है|खुद परीक्षा देने जाये ये शिक्षक तो परीक्षा कक्ष में सर खुजलाने के अलावा शायद ही कुछ कर पाए| इनके हाथो में बिहार के विद्यार्थिओं का भविष्य कितना सुरक्षित है ये बात वो खुद भी जानते है| शायद अपने बच्चो को किसी और शिक्षक के पास भेजते हो पढने को |

सरकार को कुछ कदम लेने की आवशयकता है| पहले सारे शिक्षको का एक बार फिर से मूल्याङ्कन होना चाहिए|उसके बाद पढाई से सम्बंधित नियमो को कड़ाई से लागू करना चाहिए|

और जनता को ठान लेना चाहिए ---बस अब और नहीं| जिस राज्य से आज भी सबसे ज्यादा आईएएस निकलते है-उस राज्य को अपने गौरव को संभालना चाहिए|







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